पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब पर उठे विवाद पर बयान दिया, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर उठे विवाद पर पहला बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के बयान को ही एक्स पर आगे बढ़ा दिया और लिखा, 'यही किताब की स्थिति है।' इससे आगे नरवणे ने अभी तक कुछ नहीं कहा है। बता दें, उनकी किताब के जरिए सड़क से लेकर संसद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा जा रहा है।
बयान
पेंगुइन इंडिया ने क्या दिया बयान, जिसे नरवणे ने साझा किया?
पेंगुइन ने एक्स पर साझा बयान में कहा, "जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' पर पब्लिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टिंग को देखते हुए यह साफ करना चाहते हैं कि नरवणे के संस्मरण पर लिखी किताब के प्रकाशन अधिकार सिर्फ हमारे पास हैं। किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन ने किताब की कोई भी कॉपी प्रिंट या डिजिटल फ़ॉर्म में प्रकाशित, बांटी, बेची या किसी और तरह से पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं कराई है।"
बयान
कानूनी कार्रवाई की कही है बात
पेंगुइन ने आगे लिखा, "किताब की कोई भी प्रति जो अभी प्रसार में है, चाहे वह पूरी हो या कुछ, चाहे प्रिंट, डिजिटल, PDF, या किसी और फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर, पेंगुइन के कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा और उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। पेंगुइन किताब के गैर-कानूनी और बिना इजाजत प्रसार के खिलाफ कानून में मौजूद तरीकों का इस्तेमाल करेगा। बयान प्रकाशक की बात रिकॉर्ड पर रखने के लिए जारी किया गया है।"
हंगामा
संसद से शुरू हुआ हंगामा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले अप्रकाशित किताब का जिक्र सदन में किया था, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। किताब के कुछ अंश और नरवणे की बातचीत 'द कारवां' पत्रिका में भी प्रकाशित हैं। लोकसभा में राहुल को किताब 'कोट' नहीं करने दिया गया, जिसके बाद से सदन में कार्यवाही बाधित है। कल राहुल ने किताब की प्रति संसद परिसर में दिखाई थी। दिल्ली पुलिस ने किताब के अवैध प्रसार पर मुकदमा दर्ज किया है।