केरलम के एर्नाकुलम में बुखार का विकराल रूप, अस्पतालों में जगह नहीं
एर्नाकुलम केरलम के अस्पतालों में इन दिनों बुखार की एक बड़ी लहर आई है, जिसके चलते वहां मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी है। इनमें इन्फ्लुएंजा, H1N1 और लेप्टोस्पायरोसिस जैसे कई रोग शामिल हैं।
कोच्चि के प्राइवेट और सरकारी, दोनों ही अस्पताल हफ्तों से पूरी तरह भरे पड़े हैं। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एर्नाकुलम के अधीक्षक डॉ. अनूप जोसेफ ने बताया कि जून और जुलाई के महीनों में ऐसे मौसमी बदलाव दिखना आम बात है।
मरीजों की हालत गंभीर, प्राइवेट अस्पताल हुए बेहाल
इस साल मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर है। उन्हें ठीक होने में भी आम दिनों के मुकाबले ज्यादा समय लग रहा है। डॉक्टर लोगों को मास्क पहनने, हाथों को साफ रखने और भीड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दे रहे हैं।
इलाज कराने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है और साथ ही प्राइवेट रूम की मांग भी बढ़ गई है, ऐसे में मीरा सुरेश जैसे कुछ लोगों को या तो अस्पताल से जल्दी छुट्टी लेनी पड़ रही है या फिर बिस्तर के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पतालों का कहना है कि मौसमी बुखार के इस अचानक बढ़े उछाल और सामान्य मरीजों की देखभाल, दोनों के चलते उन पर काफी दबाव आ गया है।