गूगल का 1.2 लाख करोड़ का AI सेंटर विवादों में, पर्यावरण कार्यकर्ता कर रहे विरोध
विशाखापत्तनम में गूगल अपना 1.2 लाख करोड़ रुपये का एक बड़ा AI डेटा सेंटर बना रहा है। लेकिन, पर्यावरण से जुड़े लोग इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण पर इसके असर को लेकर चिंतित हैं।
यह प्रोजेक्ट पिछले साल मंजूर हुआ था और इसे 3 जगहों- तारलुवाडा, अडाविवरम-मुदसलुवा और रामिल्ली में 500 एकड़ से भी ज्यादा जमीन पर बनाया जाएगा। इस डेटा सेंटर को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ेगी। इसी वजह से पर्यावरण कार्यकर्ता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं इसकी वजह से पानी की कमी न हो जाए और आस-पास के वन्यजीवों तथा हरियाली पर बुरा असर न पड़े।
पर्यावरण कार्यकर्ता ने डेटा सेंटर को चुनौती दी
जल बिरादरी के राष्ट्रीय संयोजक और कार्यकर्ता बोलिसेट्टी सत्यनारायण ने विशाखापत्तनम डेटा सेंटर के खिलाफ मोर्चा खोला है। सत्यनारायण ने ध्यान दिलाया कि विशाखापत्तनम के कुछ इलाकों में पानी की पहले से ही किल्लत है। यह प्रोजेक्ट जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों और एक वन्यजीव अभयारण्य के काफी करीब बन रहा है।
उन्हें चिंता है कि इसके निर्माण से इलाके की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंच रहा है। इसमें सिम्हाचलम मंदिर से जुड़ी जमीन भी शामिल है। इस मामले में सत्यनारायण ने सरकारी अधिकारियों से संपर्क किया है और कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। यह दिखाता है कि अब बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट्स को पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के कारण लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है।