दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, GRAP के पहले चरण की पाबंदियां लागू
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 179 पर पहुंच गया है। इसके चलते, अब शहर में प्रदूषण रोकने के लिए और कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (स्टेज-1) को लागू कर दिया है।
वहीं, 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर से आने वाले ऐसे वाहन, जो BS-6 मानकों के नहीं हैं, उन्हें दिल्ली में घुसने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियां पहले की तरह दिल्ली में आ-जा सकेंगी।
इतना ही नहीं, अगर आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट वैध नहीं है, तो आपको पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंपों पर लगे एएनपीआर (ANPR) कैमरों से इस नियम पर नज़र रखी जाएगी।
दिल्ली में ऑफिस स्टाफ आधा होगा, निर्माण-तोड़फोड़ के काम पर भी रोक
प्रदूषण के लिए जिम्मेदार धूल को कम करने के लिए 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी तरह के निर्माण (कंस्ट्रक्शन) और तोड़फोड़ (डेमोलिशन) के कामों पर रोक लगा दी जाएगी।
सरकार ने सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह के दफ्तरों से कहा है कि वे अपने आधे कर्मचारियों को ही दफ्तर बुलाएं। साथ ही, एमसीडी और दिल्ली सरकार के दफ्तरों में काम के घंटों को भी अलग-अलग करने की बात कही गई है, ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो और गाड़ियों से निकलने वाला धुआं भी घटे। ये सारे नियम सर्दियों भर लागू रहेंगे।
निर्माण और तोड़फोड़ पर पूरी तरह से पाबंदी 20 जनवरी, 2027 को खत्म होगी। वहीं, निर्माण और तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल पर लगने वाली बाकी पाबंदियां 31 जनवरी, 2027 तक लागू रहेंगी। ज्यादातर दूसरे शीतकालीन उपाय 28 फरवरी, 2027 तक जारी रहेंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी है।