महाराष्ट्र: सिद्धिविनायक मंदिर में करोड़ों की दान चोरी के आरोप, उपमुख्यमंत्री ने दिए ऑडिट के आदेश
क्या है खबर?
अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब महाराष्ट्र के सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये का दान चोरी हो रहा है। इसके बाद सरकार हरकत में आ गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले 5 वर्षों में मंदिर में आए दान, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के ऑडिट का आदेश दिया है।
आदेश
गड़बड़ी सामने आने पर हो सकती है कार्रवाई
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता को इस पूरे काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ऑडिट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
इससे पहले महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग ने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट से विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट भी मांगी थी।
ट्रस्ट
ट्रस्ट ने स्वीकार की दान चोरी
मंदिर ट्र्स्ट ने भी स्वीकार किया है कि दान चोरी हुई है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सर्वंकर ने कहा कि 21 मार्च को पहली बार चोरी पकड़ी गई।
उन्होंने कहा, "CCTV फुटेज के जरिए 8 लोगों को चोरी करते पकड़ा गया। उनकी गिरफ्तारी हुई, जेल भेजा गया। इसके बाद 45 कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई। पहले दान राशि का हिसाब 40-50 लाख तक जाता था लेकिन बाद में 90 लाख तक दर्ज हुआ। सालाना लगभग 18 करोड़ का अंतर दिखाई दिया।"
आरोप
राज ठाकरे ने सबसे पहले लगाए थे आरोप
1 अगस्त को राज ठाकरे ने कहा था कि राम मंदिर से 1,400 करोड़ रुपये गायब हो गए हैं और सिद्धिविनायक भी इसी तरह की समस्या का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा था, "हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी हो रही थी। इसका पता चलने से पहले साप्ताहिक राशि 50 लाख रुपये से कम थी, जो बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। इससे पता चलता है कि दान पेटियों से नियमित पैसे निकाले जा रहे थे।"
खुलासा
कैसे हुआ चोरी का खुलासा?
इंडियन एक्सप्रेस से मंदिर के न्यासी राहुल लोंढे ने कहा, "हमने कैमरों की जांच में पाया कि कई कर्मचारी पैसे चुरा रहे थे। इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शक इसलिए बढ़ा, क्योंकि भक्तों की संख्या बढ़ने के बावजूद दान की राशि उतनी ही थी।"
वहीं, सर्वंकर ने कहा, "जांच के दौरान एक कैमरा ढंका हुआ पाया गया। एक कर्मचारी राजेंद्र पेडुरकर को दान पेटी से नगदी निकालते हुए पकड़ा गया।"
FIR
20 मार्च को FIR, 80,000 रुपये बरामद
इस मामले में दादर पुलिस थाने में 20 मार्च को FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने बाद में 80,000 रुपये बरामद किए और 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल जमानत पर हैं। CCTV फुटेज में करीब 10 दिन तक दान पेटी से नगदी निकालते हुए लोगों को देखा गया।
ट्रस्ट ने बताया कि 19 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जो हार-फूल बेचने वालों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं से पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराते थे।