ED ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में TMC नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया
क्या है खबर?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुजीत बोस को राज्य में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि ED ने साल्ट लेक स्थित अपने कार्यालय में 63 वर्षीय बोस से पूछताछ के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के प्रावधानों के तहत हिरासत में ले लिया। बोस सुबह करीब साढ़े 10 बजे ED कार्यालय पहुंचे थे।
आरोप
बोस पर 150 अवैध नियुक्तियों की सिफारिश करने का आरोप
गिरफ्तारी के बाद जारी एक बयान में ED ने आरोप लगाया कि बोस ने आर्थिक लाभ के बदले में दक्षिण दमदम नगरपालिका के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए लगभग 150 उम्मीदवारों की अवैध रूप से नियुक्ति की सिफारिश की थी। ED ने बयान में कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को आज (11 अप्रैल) नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे मामले में गहन पूछताछ की जाएगी।"
खुलासा
ED ने क्या किया खुलासा?
ED के अनुसार, पूर्व अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री बोस ने नगर निगम नौकरियों में सहायता करने के बदले कथित तौर पर अपराध से प्राप्त धन लिया था। एजेंसी ने अवैध लेन-देन के तहत उनके द्वारा हासिल किए गए फ्लैटों का भी पता लगा लिया है। जांचकर्ताओं को बोस से जुड़े बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा मिली है। बता दें कि बोस विधानसभा चुनावों में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों हार मिली थी।
घोटाला
क्या है पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला?
नगरपालिका भर्ती घोटाला पश्चिम बंगाल के विभिन्न नगर निकायों में नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। ED दक्षिण दमदम समेत राज्य की कई नगरपालिकाओं में मजदूरों, सफाईकर्मियों, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एम्बुलेंस परिचारकों, पंप ऑपरेटरों, सहायकों, सफाई सहायकों और चालकों आदि की कथित अवैध भर्ती से जुड़े धन के लेन-देन की जांच कर रही है। इस घोटाले में बोस समेत उनके कई सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है।