तेलंगाना में सब्जी की खेती 83 प्रतिशत घटी, जैविक खेती ही अब उम्मीद
तेलंगाना में सब्जी उगाने वाले खेत तेजी से सिकुड़ रहे हैं। इसकी कई बड़ी वजहें हैं, जिनमें कीटनाशकों, रासायनिक खाद और यूरिया का अंधाधुंध इस्तेमाल सबसे खास है। कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव ने बताया कि इन सब के कारण सब्जियों की सेहत खराब हुई है और दूसरे बाजारों में भी इन्हें खरीदने से मना कर दिया जाता है। आंकड़े देखें तो स्थिति काफी चौंकाने वाली है। सब्जियों की खेती का रकबा 3 लाख एकड़ से ज्यादा था, जो अब घटकर सिर्फ 50,000 एकड़ रह गया है। इसकी वजह यह है कि किसान अब ज्यादा मुनाफा देने वाली दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
तेलंगाना सरकार ऑर्गेनिक खेती को दे रही बढ़ावा
राव ने आगे बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले 10 सालों से चली आ रही है। इसकी वजह यह है कि राज्य सरकार केंद्रीय योजनाओं का सही से लाभ नहीं उठा पाई। उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी कम मिलने और केंद्रीय योजनाओं का फायदा न ले पाने से हालात और भी बिगड़ गए। अब तेलंगाना सरकार ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है और चाहती है कि ज्यादा युवा खेती-बाड़ी से जुड़ें। राज्य सरकार फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर चलने वाली योजनाएं भी लागू कर रही है।