मानसून की दोहरी चाल: कहीं झमाझम बारिश के आसार, कहीं सूखे का संकट बरकरार
भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपनी धुन पर चल रहा है। देश के अंदर ही मौसम से जुड़े सिस्टम बन रहे हैं। 4 अगस्त की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि पूर्वी और उत्तरी भारत में दूर-दूर तक बादल छाए हुए हैं।
यह सब मानसून ट्रफ के पश्चिम बंगाल से पंजाब तक और गहरा होने से हुआ है। इसका मतलब है कि मौसम का मिजाज अब स्थानीय वजहों से तय हो रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाले नमी वाले दबाव का अब उतना असर नहीं है।
हरियाणा के कम दबाव से खूब बारिश
अगले 36 घंटों में मानसून ट्रफ और ज्यादा मजबूत होने वाला है। हरियाणा के पास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इससे दिल्ली-NCR, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में जमकर बारिश होगी। सूखे या कम बारिश वाले इलाकों के लिए यह अच्छी खबर है। लेकिन एक बात ध्यान देने वाली है: इस मानसून सीजन में कई उत्तरी राज्यों में कुल बारिश अभी भी औसत से कम है। इससे फसलों और पानी की सप्लाई पर मुश्किल आ सकती है।