आंध्र प्रदेश में बाढ़ से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद, 2,405 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के चलते भारी बारिश हुई है। इस कारण आंध्र प्रदेश एक हफ्ते में दूसरी बार बड़ी बाढ़ से जूझ रहा है।
गोदावरी डेल्टा और घाटी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। राजमहेंद्रवरम के डोवलेश्वरम स्थित सर आर्थर कॉटन बैराज में सोमवार तक 9.7 लाख क्यूसेक से ज्यादा बाढ़ का पानी लगातार आ रहा है। कुल मिलाकर, 190 मंडलों के 1,229 गांवों में करीब 71,796 किसानों की फसलें खराब हो गई हैं।
आंध्र प्रदेश में 2,405 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त, 1,498.30 करोड़ रुपये का अनुमान
इस बाढ़ से 89 मंडलों में बागवानी फसलें भी खराब हुई हैं। इसके साथ ही करीब 2,405 किलोमीटर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन सड़कों की मरम्मत में लगभग 1,498.30 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है।
केवल पोलावरम जिले में ही 171 गांव हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
पोलावरम जिले में शबरी नदी का पानी बढ़ने से राहत शिविर तैयार रखे गए हैं। हालांकि, श्रीकाकुलम जैसे कुछ इलाकों में पानी अब उतरना शुरू हो गया है।
श्रीकाकुलम, विजयनगरम और पार्वतीपुरम-मन्यम मुख्य रूप से कृषि प्रधान जिले हैं, जहां बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। खरीफ सीजन के दौरान इन तीनों जिलों में करीब 3 लाख हेक्टेयर में धान, मक्का और कपास जैसी फसलों की खेती होती है। इसके अलावा करीब 1 लाख एकड़ में केले, पपीते, नारियल, ऑयल पाम और सब्जियों समेत विभिन्न बागवानी फसलें उगाई जाती हैं।
श्रीकाकुलम में 31,000 एकड़ कृषि फसलें और विजयनगरम जिले में करीब 1,362 एकड़ कृषि फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण केला और पपीता समेत 472 एकड़ बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।