मानसून पर शुष्क हवा का कब्जा, किसानों को बुवाई टालने की सलाह
इस साल मानसून की बारिश में देरी हो रही है। इसकी मुख्य वजह मध्य और उत्तरी भारत के ऊपर फैली शुष्क हवा की एक लहर है। शुष्क हवा का यह क्षेत्र नमी से भरी हवाओं के रास्ते में रुकावट बन रहा है, जिस वजह से बारिश के बादल उम्मीद के मुताबिक उत्तर की ओर नहीं बढ पा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक मानसून की तेज धाराएं इस शुष्क हवा को भेदकर आगे नहीं बढतीं, तब तक बारिश जोर नहीं पकडेगी। इसके लिए हमें 20 जून के बाद तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र में किसानों से बुवाई में देरी करने की अपील
महाराष्ट्र में अभी भी बारिश हर जगह एक समान नहीं हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, सरकार और अधिकारी किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे फसलों की बुवाई में जल्दबाजी न करें। सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जैसे इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे बड़े कृषि क्षेत्रों में अभी सिर्फ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। ये बारिश दोपहर के समय आती है और पूरे इलाके में बुवाई के लिए अभी नाकाफी है। इधर, कर्नाटक के तट पर मानसून की बारिश जोर पकड रही है, लेकिन मध्य भारत की वह शुष्क हवा अभी भी उत्तर की ओर बढते मानसून को रोके हुए है।