पंजाब ने तोड़ा नशे का जाल: 20 करोड़ की दवाइयां जब्त, सैकड़ों लाइसेंस निलंबित
पंजाब ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में करीब 17,000 दुकानों की जांच की गई, जिसके बाद 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाइयां जब्त की गईं। साथ ही 520 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। मौजूदा दवा कानूनों के तहत सख्ती बरतते हुए अधिकारियों ने 22 लाइसेंस पूरी तरह रद्द भी कर दिए हैं।
पंजाब ने दोषियों को सजा दिलवाई
यह कार्रवाई सिर्फ यहीं नहीं रुकी। पंजाब ने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 54 अदालती मामले दर्ज किए और 35 मामलों में दोषियों को सजा भी दिलवाई। राज्य की इन कोशिशों का नतीजा है कि केंद्र सरकार अब प्रेगैबालिन जैसी दवाओं पर नियंत्रण सख्त कर रही है। यह नया नियम 12 नवंबर, 2026 से लागू होगा, लेकिन, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री अभी भी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि इस पर कोई नियम-कानून नहीं है। पंजाब ने दवाओं की ज़्यादा कीमतों और एक ही तरह के सक्रिय तत्व (सक्रिय फार्मास्युटिकल घटक) या सॉल्ट वाली अलग-अलग कंपनियों की दवाओं की कीमतों में भारी अंतर का मुद्दा भी उठाया है। हालांकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया दखल और निर्देशों से पहले कोई खास कदम नहीं उठाए गए थे। राज्य सरकार का संदेश साफ है: वे समाज को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं।