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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में युवाओं के नाम लिखा भावुक पत्र, जानिए क्या-क्या कहा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में युवाओं के नाम भावुक पत्र लिखा है

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में युवाओं के नाम लिखा भावुक पत्र, जानिए क्या-क्या कहा

Jul 25, 2026
03:34 pm

क्या है खबर?

NEET-UG पेपर लीक और अन्य शिक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बात मान ली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे में प्रधान ने छात्रों के नाम भावुक पत्र भी लिखा है। आइए उस पर नजर डालते हैं।

पुष्टि

प्रधान ने सोशल मीडिया पर दी इस्तीफे की जानकारी

प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री मोदी को सौंप दिया है और उन्होंने उसे स्वीकार भी कर लिया है।

प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि राष्ट्र विरोधी ताकतें इस मुद्दे का फायदा उठाकर लोगों के बीच भ्रम न फैला सकें।

बता दें कि CJP की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री प्रधान का इस्तीफा अहम था और वह इसके बिना प्रदर्शन पर अड़ी थी।

पत्र

प्रधान ने छात्रों के नाम पत्र में क्या लिखा?

प्रधान ने छात्रों के नाम पत्र में लिखा, 'मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए में प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं।'

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पेपर लीक

NEET पेपर लीक को लेकर क्या लिखा?

प्रधान ने आगे लिखा, '3 मई, 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर भारत सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया, जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी, परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित कर दी। यह भी निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से परीक्षा CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में आयोजित की जाएगी। हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए।'

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जिम्मेदारी

'मैने पहले ही दिन ली मामले की जिम्मेदारी'

प्रधान ने आगे लिखा, 'पहले ही दिन से इस पर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।'

उन्होंने लिखा, '16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। यह काफी राहत वाली बात रही।'

बाधा

जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने की बाधा डालने की कोशिश - प्रधान

प्रधान ने लिखा, 'इस पूरे मामले में कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ। मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं और युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं, वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।'

भावना

पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी - प्रधान

प्रधान ने आगे लिखा, 'पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।'

उन्होंने लिखा, 'जंतर-मंतर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं और देश की एकता बनी रहे, यही मेरी कामना है।'

इस्तीफा

युवाओं के भविष्य के लिए दिया इस्तीफा

प्रधान ने आगे लिखा, 'भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है।'

उन्होंने लिखा, 'मैं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही मंत्रिपरिषद के अपने सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त करता हूं।'

दावा

'राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता'

प्रधान ने लिखा, 'राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा। प्रभु श्रीजगन्नाथ महाराज के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।'

बता दें कि प्रधान के इस्तीफे की घोषणा करने के साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और उन्होंने इसे बड़ी जीत बताया।

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