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अनिल अंबानी-जेफ्री एपस्टीन के बीच सैकड़ों ईमेल भेजे गए, दावा- एपस्टीन ने नीति-नियुक्तियों की जानकारी दी
अनिल अंबानी और जेफ्री एपस्टीन के बीच हुई बातचीत को लेकर जानकारी सामने आई है

अनिल अंबानी-जेफ्री एपस्टीन के बीच सैकड़ों ईमेल भेजे गए, दावा- एपस्टीन ने नीति-नियुक्तियों की जानकारी दी

लेखन आबिद खान
Apr 05, 2026
02:27 pm

क्या है खबर?

कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन और भारतीय कारोबारी अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान सैकड़ों ईमेल और मैसेज में बातचीत हुई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने हालिया जारी हुए दस्तावेजों के हवाले से ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन ने अनिल के सामने खुद को व्हाइट हाउस का अंदरूनी सूत्र बताया और जब अनिल को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा तो 'बतौर दोस्त' सलाह भी दी।

रिपोर्ट

व्हाइट हाउस से संपर्क करने में अनिल ने मांगी थी मदद

रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप जब पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति बने, तब अनिल यह समझना चाहते थे कि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में भारत की क्या जगह हो सकती है। इसी वजह से वे एपस्टीन के संपर्क में आए। अनिल ने एपस्टीन को लिखा, "भारत के साथ संबंधों और रक्षा सहयोग के मामले में व्हाइट हाउस से बातचीत के लिए मुझे आपके मार्गदर्शन की जरूरत होगी।" इस पर एपस्टीन ने कहा कि वे अनिल को 'अंदरूनी जानकारी' उपलब्ध कराएगा।

दावे

एपस्टीन ने नियुक्तियों और विदेश नीति की जानकारी दी

रिपोर्ट में कहा गया है कि एपस्टीन ने अनिल के साथ विदेश नीति और ट्रंप द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों से जुड़ी ऐसी जानकारियां साझा कीं, जो सार्वजनिक होने से पहले ही उन्हें पता चल चुकी थीं। रिपोर्ट में कहा गया है, "चाहे यह महज इत्तेफाक रहा हो या कुछ और, उनके संदेशों से यह संकेत मिलता है कि अनिल के सवालों के जवाब में व्हाइट हाउस को लेकर उन्होंने कुछ अज्ञात लोगों से सटीक जानकारी मांगी और प्रदान की।"

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नियुक्ति

भारत में संभावित अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति को लेकर हुई चर्चा

मार्च 2017 में अनिल ने एपस्टीन से पूछा था कि क्या सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के पूर्व निदेशक डेविड पेट्रियस को भारत में अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया जाएगा। इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया, "मैं पता लगाता हूं।" बाद में उन्होंने अंबानी को बताया कि पेट्रियस का नाम इस पद की प्राथमिकता सूची में नहीं है। बाद में ये जानकारी सच साबित हुई और नवंबर, 2017 में केनेथ जस्टर राजदूत बनाए गए।

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अन्य खुलासे

एपस्टीन-अनिल को लेकर ये खुलासे भी हुए

अनिल और एपस्टीन के बीच बातचीत सिग्नल और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर होती थी। एपस्टीन ने अनिल को राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी स्टीफन बैनन और थॉमस बैरक जूनियर से मिलवाने की पेशकश की थी। दोनों का परिचय दुबई की कंपनी DP वर्ल्ड के तत्कालीन प्रमुख सुल्तान अहमद बिन सुलायेम ने कराया था। जब अनिल को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा तो एपस्टीन ने उन्हें मानसिक तौर पर मजबूत रहने की सलाह दी।

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