IIT पद गंवा चुके मिशेल डैनिनो का NCERT अध्याय विवाद पर पलटवार, कहा- नेक इरादे से लिखा था
मिशेल डैनिनो, जिनके राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की 8वीं कक्षा के न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हटवाया है। उनका कहना है कि इसे तैयार करने के पीछे कोई गलत इरादा नहीं था। डैनिनो ने बताया कि इस अध्याय को छात्रों में आलोचनात्मक सोच विकसित करने के मकसद से बनाया गया था और यह प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित था। उन्होंने दावा किया कि यह नई शिक्षा नीतियों के दिशानिर्देशों के अनुरूप था, भले ही अब इसे किताबों से हटा दिया गया है।
IIT-गांधीनगर में गेस्ट प्रोफेसर का पद गंवाया
सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के आदेश के बाद डैनिनो ने IIT-गांधीनगर में अपना गेस्ट प्रोफेसर का पद गंवा दिया। उन्होंने NCERT की आलोचना करते हुए कहा कि NCERT ने न्यायाधीशों को यह जानकारी नहीं दी कि कमेटियों ने सामग्री की पहले ही जांच कर ली थी। उन्हें लगा कि यदि सभी संबंधित पक्ष मिलकर एक स्पष्टीकरण देते तो स्थिति बेहतर हो सकती थी। डैनिनो ने इस बात पर भी गौर किया कि पाठ्यपुस्तकों को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह विवाद 1970 के दशक से चले आ रहे हैं, फिर चाहे उस समय सत्ता में कोई भी सरकार रही हो।