14 प्रतिशत कम मानसून के बाद भी देश के जलाशय 70.3 प्रतिशत भरे
देश के जलाशय अब अपनी 70.3 फीसदी क्षमता पर पहुंच गए हैं। पिछले हफ्ते के मुकाबले इनमें पानी बढ़ा है, भले ही इस बार मानसून सामान्य से 14 फीसदी कम बरसा है। अच्छी बात यह है कि दस साल के औसत के मुकाबले जलाशयों में पानी का अंतर कम हो रहा है। हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी भी बारिश कहीं कम तो कहीं ज्यादा हुई है।
पश्चिमी और मध्य भारत के 80 प्रतिशत से ज्यादा जलाशय भरे
पश्चिमी और मध्य भारत में जलाशयों की स्थिति काफी बेहतर है। यहां जलाशयों में पानी 80 फीसदी से ज्यादा भरा है और वे अपने सामान्य औसत से भी आगे निकल गए हैं। पूर्वी भारत के जलाशय भी अब पानी से भर गए हैं, जिससे वहां पानी की कमी नहीं रही। लेकिन उत्तरी और खासकर दक्षिणी भारत के जलाशय अभी भी पीछे चल रहे हैं। दक्षिण में जलाशयों का पानी घटकर सिर्फ 56.8 फीसदी रह गया है, क्योंकि वहां कई इलाकों में बारिश में काफी कमी देखी गई है।
खरीफ बुवाई में करीब 17.7 लाख हेक्टेयर का सुधार
खरीफ फसलों की बुवाई में इस हफ्ते थोड़ी रिकवरी देखने को मिली है। साल 2025 के मुकाबले बुवाई में कमी अब घटकर करीब 17.7 लाख हेक्टेयर रह गई है। दालों और मोटे अनाजों की बुवाई में अच्छी उछाल आई है, लेकिन धान और कपास में अभी भी बड़े अंतर को पाटना बाकी है।