भारत बना सोने की ज्वेलरी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार
भारत अभी भी सोने की ज्वेलरी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इसने 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक मांग का 27 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया। हालांकि, सोने की बढ़ती कीमतों और आयात शुल्क की वजह से 2026 की पहली छमाही में ज्वेलरी की मांग में साल-दर-साल 17.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो 141.2 मीट्रिक टन पर सिमट गई। इसके बावजूद, कुल सोने की मांग में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 282 मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण लोगों का बढ़ता निवेश है।
युवा भारतीय अब सोने को निवेश के रूप में अपना रहे
अब सोना सिर्फ शादियों या त्योहारों के लिए नहीं रहा, बल्कि युवा भारतीय इसे एक समझदारी भरा निवेश मान रहे हैं। 2026 की शुरुआत में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली और सोने की ईंटों व सिक्कों की मांग भी काफी बढ़ गई, जिसमें 21 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। इसके अलावा, फरवरी 2026 तक गिरवी रखे सोने के गहनों के बदले दिए गए खुदरा बैंक लोन करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए। यह एक साल में 124 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। दरअसल, लोगों ने अपना पुराना सोना बेचने के बजाय, झटपट पैसों के लिए उसे गिरवी रखना बेहतर समझा।