दशहरे पर दिल्ली में रावण के साथ 30 फुट का कॉकरोच भी जलेगा, जानिए कारण
इस दशहरे, दिल्ली की श्री केशव रामलीला कमेटी कुछ अलग करने जा रही है। हर साल की तरह रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के अलावा, इस बार एक विशाल 30 फुट का कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा।
यह नया विचार कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा का है। इस साल यह अनोखी पहल सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने और असल दुनिया की समस्याओं को नए तरीके से उजागर करने का प्रयास है।
पीतमपुरा में पुतला दहन का सफाई अभियान से कनेक्शन
कॉकरोच का पुतला बनाने में सिर्फ तीन से चार दिन लगे, जबकि पारंपरिक पुतलों को बनाने में महीने भर का समय लग जाता है। कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा ने बताया कि यह नया प्रतीक समाज में सफाई से जुड़ी चुनौतियों पर रोशनी डालता है।
उन्होंने कहा, "हमारा मकसद तीन जगहों से गंदगी को जड़ से खत्म करना है: हमारे घर, हमारा आस-पड़ोस और हमारा पूरा समाज।"
पीतमपुरा के मैदान में होने वाला यह पुतला दहन स्वच्छ पर्यावरण के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियानों से जुड़ा है। इसके साथ ही, दशहरे के उस संदेश को भी जिंदा रखा जाएगा जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।