दिल्ली का दम घोंट रहा कचरा: सड़कों पर अंबार, ठेकों की देरी ने बिगाड़े हालात
दिल्ली की कचरे की समस्या अब बेकाबू होती जा रही है। जगह-जगह सड़क किनारे बने कूड़ाघरों में अब जगह नहीं बची है और कचरा सड़कों पर फैलता जा रहा है। इसकी वजह से गाड़ियों की आवाजाही रुक रही है और आवारा जानवरों की भीड़ भी बढ़ने लगी है।
'दिल्ली को कूड़े से आज़ादी' जैसा सफाई अभियान चलने के बावजूद न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जनकपुरी और ग्रेटर कैलाश जैसी जगहों पर कूड़ा हटाने की रफ्तार से कहीं तेजी से इकट्ठा हो रहा है।
दिल्ली में ठेकों में देरी, कूड़ा कलेक्शन में आ रही दिक्कतें
शहर में हर रोज 13,000 टन से ज्यादा कचरा निकलता है। नए कचरा प्रबंधन ठेकों (वेस्ट मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स) को अंतिम रूप देने में हो रही देरी की वजह से पुरानी मशीनों से ही काम चलाया जा रहा है और यही कारण है कि कई इलाकों में कूड़ा ठीक से नहीं उठ पा रहा।
इसी साल मार्च में लगभग 2,939 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। इनके तहत नई मशीनें और उपकरण लगाए जाने हैं, जिनकी डिलीवरी 31 अक्टूबर तक होनी तय है। तब तक इलाके के लोगों को गंदगी भरी सड़कों का सामना करना पड़ रहा है और वे प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।