दिल्ली के यमुना रिवरफ्रंट पर विशेषज्ञों ने चेताया, बोले- साबरमती जैसा विकास कहीं बाढ़ का न्योता न बन जाए
दिल्ली यमुना नदी के किनारे 52 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट बनाने की सोच रही है। यह प्रोजेक्ट अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट जैसा होगा, लेकिन इस पर पर्यावरणविदों और आम लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
कई संस्थाओं ने अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र पर अगर निर्माण किया गया, तो शहर में बाढ़ का खतरा और भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने यमुना में बाढ़ के खतरे को लेकर चेताया
साबरमती नदी से अलग, यमुना एक ऐसी नदी है जिसे पहाड़ों पर जमी बर्फ से पानी मिलता है। इसमें बहुत ज्यादा गाद होता है और मौसम बदलने पर इसका पानी का बहाव भी काफी बदलता रहता है। इसी वजह से यमुना में बाढ़ आने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है।
विशेषज्ञों ने 2023 और 2025 में आई बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा है कि यमुना के बाढ़ वाले इलाकों से छेड़छाड़ करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इन संगठनों का गठबंधन चाहता है कि इस प्रोजेक्ट में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।