दिल्ली में 'ग्रामीण सेवा' का इलेक्ट्रिक अवतार, हर गली-मोहल्ले को जोड़ेगी वैन
दिल्ली उन मोहल्लों और गलियों में 7 सीटों वाली इलेक्ट्रिक वैन चलाने की तैयारी कर रही है जहां बसें नहीं पहुंच पातीं। इनमें तंग गलियां और भीड़भाड़ वाली कॉलोनियां शामिल हैं। 'ग्रामीण सेवा' नेटवर्क से प्रेरणा लेते हुए, ये वैन सभी के लिए साझा सवारी को ज्यादा सस्ता और भरोसेमंद बनाएंगी। यह प्रोजेक्ट अभी योजना के शुरुआती दौर में है। सरकार ऑपरेटरों और EV बनाने वाली कंपनियों से इस बारे में बेहतरीन सुझाव और आइडिया तलाश रही है।
मेट्रो और बसों को जोड़ने वाली वैन
ये इलेक्ट्रिक वैन किफायती 'फीडर सर्विस' के तौर पर काम करेंगी। ये यात्रियों को कई जगहों से उठाएंगी और छोड़ेंगी, जिसकी सवारी का किराया अभी के साझा वाहनों से कम होगा। परमिट पर चलने से ये ई-रिक्शा की बेतरतीब व्यवस्था को ठीक करने में मदद करेंगी, साथ ही ज्यादा लोगों को मेट्रो स्टेशनों और मुख्य बस रूटों से जोड़ेंगी। दिल्ली की 2026 की EV पॉलिसी का मकसद प्रदूषण घटाना और व्यस्त इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को और सुगम बनाना है। यह योजना उसी बड़े प्रयास का एक हिस्सा है।