PG में रहने वाले छात्रों के रिकॉर्ड के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय बनाएगा खास पोर्टल
दिल्ली विश्वविद्यालय एक खास ऑनलाइन पोर्टल बनाने की तैयारी में है, जिसका मकसद PG (पेइंग गेस्ट) में रहने वाले छात्रों की पूरी जानकारी रखना है।
यह कदम सत्या निकेतन में हुई दर्दनाक इमारत ढहने की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों सहित 7 लोगों की मौत हो गई थी।
इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों के रहने की जगह, दिए जाने वाले किराए और इन सुविधाओं की स्थिति से जुड़ी सभी जानकारी दर्ज होगी। इससे विश्वविद्यालय PG मालिकों के साथ मिलकर आधिकारिक समझौतों के जरिए और बेहतर तरीके से काम कर पाएगा।
समिति ने सुझाया, विश्वविद्यालय के खाली फ्लैट्स को हॉस्टल बनाया जाए
इस घटना के बाद छात्रों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए एक आठ सदस्यीय समिति बनाई गई थी, खासकर उन छात्रों की जो हॉस्टल में नहीं रहते।
अभी तक PG में रहने वाले छात्रों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए यह पोर्टल इस कमी को पूरा करेगा। साथ ही, इससे सुरक्षा के लिए साफ-सुथरे दिशा-निर्देश बनाने में भी मदद मिलेगी।
समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि विश्वविद्यालय के खाली पड़े फ्लैट्स को हॉस्टल में बदल दिया जाए। इसके अलावा, राज्य सरकार के गेस्ट हाउस से भी अनुरोध किया जाए कि वे दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए कमरे उपलब्ध कराएं।