सैन फ्रांसिस्को के रास्ते से लौटा था एयर इंडिया का विमान, अब आई चौकाने वाली जानकारी
क्या है खबर?
दिल्ली से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को जाने वाला एयर इंडिया का जो विमान 8 घंटे हवा में बिताने के बाद लौट आया था, वह करीब 6 साल तक मरम्मत और रखरखाव के लिए खड़ा था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि बोइंग 777 विमान (पंजीकरण नंबर VT-ALL) सेवा में वापस लाए जाने से पहले पुर्जों की कमी के कारण 6 साल तक नागपुर के विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) केंद्र में था।
जांच
मार्च में लौटा था वापस, पुर्जों के लिए कर रहा था इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को नियमित रखरखाव के लिए फरवरी 2020 में एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (AIESL) के MRO भेजा गया था, जहां से एक महीने बाद वापस लौटने की उम्मीद थी। हालांकि, विमान 2026 तक कारखाने में ही फंसा रहा और मार्च 2026 में सेवा में वापस लौटा। इस बीच, विमान के जरूरी पुर्जे निकालकर उन विमानों में इस्तेमाल किए गए, जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता थी। इससे VT-ALL को खुद नए पुर्जों के लिए इंतजार करना पड़ा।
जांच
दिल्ली में दोबारा मरम्मत में जाने से पहले 100 उड़ानें भरी
इंडिया टुडे के मुताबिक, विमान में 3,000 से अधिक पुर्जों को बदला गया, 4,000 से अधिक रखरखाव कार्यों को पूरा किया गया और परिचालन मंजूरी मिलने से पहले इंजन और सहायक विद्युत इकाई (APU) सहित प्रमुख असेंबली को भी बदला गया था। सेवा में वापस से पहले विमान को वायुयोग्यता समीक्षा प्रमाणपत्र (ARC) भी प्राप्त हुआ था। नागपुर MRO से लौटने के बाद VT-ALL लगभग 100 उड़ानें भर चुका है, जिसे पहले घरेलू फिर अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर तैनात किया गया।
जांच
सैन फ्रांसिस्को जाते समय TCAS में खराबी आई, जिसका हो चुका था निरीक्षण
बुधवार को दिल्ली से उड़ान भरते समय विमान को 8 घंटे बाद वापस लौटना पड़ा क्योंकि उसका ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) खराब हुआ था। TCAS विमानों को एक-दूसरे के करीब आने पर आपस में संवाद करने की सुविधा देता है, जिससे टक्कर को रोका जा सके। 29,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर TCAS का सही काम करना अनिवार्य है। नागपुर MRO में विमान की मरम्मत के दौरान जिन प्रणालियों का निरीक्षण किया गया उनमें TCAS भी शामिल था।
घटना
क्या है मामला?
एयर इंडिया के AI-173 ने बुधवार तड़के 3:09 बजे दिल्ली हवाई अड्डे से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान भरी थी। जब विमान उत्तरी अटलांटिक महासागर क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरते हुए विमान चीन के ऊपर से गुजर रहा था, तब पायलट को पता चला कि विमान का TCAS ठीक से काम नहीं कर रहा था। इस बीच, उसने वापस लौटाने का फैसला किया। तब तक विमान 250 यात्रियों के साथ 8 घंटे का सफर पूरा कर चुका था।