
दिल्ली में हिंसा: बुखार होने के बावजूद ड्यूटी पर थे जान गंवाने वाले हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल
क्या है खबर?
सोमवार को उत्तर पूर्व दिल्ली में भड़की हिंसा में कुल पांच लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 लोग घायल हो गए।
जान गंवाने वालों में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं।
राजस्थान के सीकर से आने वाले रतनलाल 1998 में बतौर कॉन्स्टेबल दिल्ली पुलिस में शामिल हुए थे और हिंसा के समय गोकुलपुरी के ACP ऑफिस में तैनात थे।
सोमवार को बुखार से पीड़ित होने के बावजूद रतनलाल ड्यूटी पर गए थे।
जानकारी
अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई रतनलाल की मौत
गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि रतनलाल के सिर में चोट आई थी। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जब उनके रिश्तेदारों से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अब जो गया उसके बारे में क्या बात करनी है।'
प्रतिक्रिया
क्या बोले रतनलाल के भतीजे?
रतनलाल के 25 वर्षीय भतीजे मनीष कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जब उन्हें उनके अंकल की मौत की खबर मिली तो वो काम पर थे।
मनीष ने कहा, "कई दोस्त अंकल को लेकर मुझे व्हाट्सऐप पर मैसेज कर रहे थे। मैं जल्दी से अस्पताल पहुंचा। मैं अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहता था। अस्पताल में उनका शव देखकर मैं टूट गया। उनकी बीट ड्यूटी नहीं थी फिर भी हमने उन्हें गंवा दिया।"
परिवार
छह महीने पहले हुआ था रतनलाल के पिता का देहांत
बुराड़ी में रहने वाले रतनलाल के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे रह गए हैं। उनकी दो बेटियों की उम्र 15 और 17 साल और बेटे की उम्र सात साल है।
दिल्ली में रहने वाले उनके रिश्तेदारों ने बताया कि उन्होंने इस घटना के बारे में अभी तक रतनलाल की मां को जानकारी नहीं दी है। उनकी मां राजस्थान में रहती है।
छह महीने पहले ही बीमारी के कारण रतनलाल के पिता का निधन हुआ था।
हिंसा
GTB अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल पुलिसकर्मी
सोमवार को हिंसा में घायल हुए अन्य पुलिसकर्मियों को GTB और मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
GTB अस्पातल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर राजेश कालरा ने बताया, "लगभग 10 पुलिसकर्मियों को यहां लाया गया था। हेड कॉन्स्टेबल की यहां पहुंचने से पहले मौत हो चुकी थी। DCP अमित कुमार को सिर में गंभीर चोट आई है और हमने उन्हें मैक्स अस्पताल में रेफर कर दिया। बाकी लोगों को भी सिर में चोटें आई हैं।"
जानकारी
घायल पुलिसकर्मी ने क्या बताया?
पथराव में घायल हुए एक पुलिसकर्मी रमन नागर ने बताया कि वो मौजपुर में DCP ऑफिस के बाहर तैनात थे। इसी बीच कुछ लोगों ने आकर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। एक पत्थर उनकी बायीं टांग पर लगा है।
हिंसा
कैसे शुरू हुई हिंसा?
शनिवार को जाफराबाद में लगभग 500 महिलाएं नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में सड़क पर धरने पर बैठ गईं थीं।
इसके विरोध में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने CAA समर्थकों से रविवार को मौजपुर चौक पर इकट्ठा होने को आह्वान किया। इसके बाद मौजपुर में CAA समर्थकों और विरोधियों के बीच पत्थरबाजी हुई।
इसके बाद सोमवार को उत्तर-पूर्व दिल्ली के कई इलाकों में फिर से हिंसा हुई। अभी तक हिंसा में सात लोगों की मौत हो चुकी है।