दिल्ली पुलिस ने खबर कर रहे पत्रकारों को हिरासत में लिया, प्रेस की आजीदी पर बहस तेज
दिल्ली पुलिस ने एक युवा-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन को दबाने के दौरान कई पत्रकारों को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोपों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा था। नवभारत टाइम्स, स्क्रॉल इन और न्यूज लॉन्ड्री के पत्रकारों को उनके प्रेस ID दिखाने के बावजूद हिरासत में लिया गया था। हालांकि, बाद में उन सभी को रिहा कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई से प्रेस की आजादी पर बहस तेज
स्क्रॉल इन के शोएब दानियाल को तो विरोध स्थल से काफी दूर से उठा लिया गया था। वहीं, नवभारत टाइम्स के ऋतिक जोशी और राहुल चरस के साथ-साथ न्यूज लॉन्ड्री के 3 पत्रकारों को अपना काम करते हुए रोक लिया गया। इस घटना से विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रेस की आजादी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस की यह कार्रवाई भारत के संविधान द्वारा तय की गई लक्ष्मण रेखा को पार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी और कई छात्र कार्यकर्ता समूहों ने मिलकर आयोजित किया था। वे मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे थे।