नीति आयोग के ई-मोबिलिटी इंडेक्स में दिल्ली सबसे आगे
दिल्ली ने नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025 में 84 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया है। इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का नंबर आया, लेकिन इस साल दिल्ली ने जिस तरह तरक्की की है, वह बहुत खास है। यह इंडेक्स देखता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ने में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कितना अच्छा काम कर रहे हैं।
दिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण अनिवार्य
दिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 के तहत, जनवरी 2027 से ऑटो-रिक्शा और हल्के कमर्शियल वाहनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करना जरूरी होगा। वहीं, जनवरी 2028 से दोपहिया वाहनों का भी 100 प्रतिशत विद्युतीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह शहर पहले से ही भारत में इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा बेड़ा चलाता है।
इतना ही नहीं, यहाँ ई-साइकिलों पर भी सब्सिडी दी जाती है। इस काम को और तेजी देने के लिए दिल्ली सरकार उन 'पर्यावरण मुआवजा शुल्क' (ECC) फंड से 1,153 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है, जिनका अभी तक उपयोग नहीं हुआ है।
नीति आयोग के सदस्य राजीव गाबा कहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाना आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक रूप से बहुत जरूरी है। ऐसा करने से तेल आयात कम होगा। उन्होंने बताया कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का लगभग 89 प्रतिशत आयात करता है। यह सब एक हरे-भरे भविष्य की ओर बड़े कदम हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में मणिपुर 46 अंक लेकर सबसे आगे रहा।