जानलेवा हादसे के बाद दिल्ली का कदम, 40 लाख नए घर और सुरक्षित शहर
दिल्ली का प्रस्तावित नया मास्टर प्लान एक जानलेवा इमारत ढहने के बाद सामने आया है। इसका मकसद शहर के घरों को ज्यादा सुरक्षित बनाना है। इस प्लान का मुख्य विचार है कि संपत्ति मालिकों को ज्यादा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) दिया जाए। इससे वे अपनी इमारतों को और बड़ा बना पाएंगे।
साथ ही, पुरानी और जोखिम भरी इमारतों को गिराकर नई इमारतें बनाने का खर्च भी इससे कुछ हद तक पूरा हो सकेगा। इस तरह पुरानी इमारतों की जगह नई इमारतें बनाना आसान हो जाएगा।
मेट्रो के पास 40 लाख नए घरों का लक्ष्य
यह प्लान भविष्य को भी ध्यान में रखता है। अगले 20 सालों में करीब 40 लाख नए घर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ये घर खासकर मेट्रो लाइनों के पास बनाए जाएंगे, ताकि बेहतर कनेक्टिविटी मिले और सड़कों पर गाड़ियों का बोझ भी कम हो।
इसके अलावा, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कुछ और भी अच्छे कदम उठाए गए हैं। जैसे 'स्पंज सिटी' का कॉन्सेप्ट, जो भारी बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने में मदद करेगा। DDA के साथ लैंड पूलिंग से रीडेवलपमेंट का काम भी सबके लिए और आसान हो जाएगा।