गुरूग्राम में महिला सहकर्मी ने साथी संग मिलकर ली युवक की जान, शव नाले में फेंका
क्या है खबर?
दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-70 के एक नाले में 31 वर्षीय युवक के शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। गुरूग्राम पुलिस ने बताया कि युवक की हत्या करके शव को नाले में फेंका गया था। मामले में कंपनी की पूर्व-सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया गया है। मृतक युवक दिल्ली के सरिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा है, जो गुरूग्राम सेक्टर-29 स्थित अडाणी रियल्टी कंपनी में प्रबंधक थे।
हत्या
6 सितंबर से लापता थे युवराज
युवराज 6 सितंबर की शाम को अपने परिवार के साथ लाजपत नगर मार्केट गए थे। यहां से शाम सवा 4 बजे एक मीटिंग की बात कहकर वह गुरूग्राम चले गए।
परिवार ने उनसे शाम 7 बजे बात की, लेकिन रात 10 बजे तक युवराज नहीं लौटे। इसके बाद उनका फोन भी बंद बता रहा था।
परिवार ने काफी खोजबीन के बाद 11 सितंबर को दिल्ली के लाजपत नगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच
1 महीने बाद होनी थी शादी
पुलिस ने बताया कि युवराज की एक महीने बाद शादी थी और वह उसकी तैयारी कर रहा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
उसके परिवार के सदस्यों ने मीडिया को बताया कि 6 सितंबर को ही उसने अपनी शादी की शेरवानी खरीदी थी और घर पर काफी तैयारी चल रही थी।
युवराज के पिता पैरालाइज्ड हैं और मां को दिल की बीमारी है। उनकी बहनें भी इस घटना से काफी टूट गई हैं।
जांच
पैसे के विवाद में हुई हत्या
जांच में पता चला था कि युवराज ने लापता होने के दिन आखिरी बार आन्या से बात की थी। इसके बाद पुलिस ने आन्या के मोबाइल पर संपर्क किया, जो बंद था।
पुलिस ने जानकारी जुटाई तो आन्या का नया नंबर मिला, जिसकी लोकेशन उत्तराखंड में थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आन्या और उसके साथी संयम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली और इसके पीछे पैसे का विवाद बताया।
जांच
शव को 7 घंटे तक क्रेटा में रखा
पुलिस ने बताया कि दोनों ने युवराज की गर्दन में गोली मारकर हत्या की थी और शव को 7 घंटे तक अपनी क्रेटा कार में रखा। बाद में सेक्टर-70 के नाले में फेंक कर उत्तराखंड भाग गए।
दोनों 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई बंदूक अपनी बरामद नहीं हुई है।
पुलिस ने बताया कि दोनों 2022 में एक ही कंपनी में कार्यरत थे, जहां आन्या युवराज के बीच वित्तीय लेन-देन हुआ था।
जानकारी
युवराज के परिवार का पुलिस पर आरोप
युवराज के परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या 6 सितंबर को हुई थी और शव 10 सितंबर को मिला, लेकिन जानकारी 16 सितंबर को दी गई। आरोप है कि 14 सितंबर को परिवार को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।