दिल्ली के होटल में आग: मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार, इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
क्या है खबर?
दिल्ली में मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टेज नामक बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में बुधवार को लगी भीषण आग के मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 326 (आग लगाकर नुकसान पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस ने बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था, ताकि वे देश छोड़कर न भाग पाएं।
अदालत
आज दिल्ली की साकेत अदालत में होंगे पेश
पुलिस ने बताया कि गुरुवार को बजाज को दिल्ली के साकेत अदालत में पेश किया जाएगा। उनको पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि होटल में किन-किन नियमों का उल्लंघन किया गया था और किस तरह की लापरवाही से इतनी मौतें हुई हैं। बजाज ने पुलिस को बताया कि वह होटल का काम नहीं देखता था, उसने प्रबंधन, बिलिंग और अकाउंट्स की जिम्मेदारी किसी अन्य व्यक्ति को दी थी।
बयान
आग लगी देख भागे
पुलिस पूछताछ के दौरान बजाज ने स्वीकार किया कि आग लगने के समय वह होटल के पास से गुजर रहा था, लेकिन रुकने के बजाय वह डर के कारण मौके से भाग गया। उसने यह भी कहा कि उसने अपने होटल के लिए कभी अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लिया था। उसने आगे बताया कि भागने के बाद वह घर नहीं लौटा और पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले कई घंटों तक सड़कों पर भटकता रहा।
होटल
2022 में खरीदी थी इमारत
बजाज ने बताया कि उन्होंने 2022 में यह इमारत खरीदी थी, जिसमें उस समय खादी की दुकान थी। खरीद के समय इमारत पहले से ही जर्जर हालत में थी। शुरुआत में उन्होंने कमरों को किराए पर दिया, बाद में इसे होटल में बदल दिया। बजाज ने कहा कि उसने परिसर में बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B), पर्यटक आवास और हेल्थ रेस्टोरेंट चलाने के लिए लाइसेंस लिया था। हालांकि, जांच एजेंसियां फिलहाल इन अनुमतियों की प्रामाणिकता की जांच कर रही हैं।
हादसा
नियमों की अनदेखी और लापरवाही से गई 21 जान
हौज रानी इलाके में मैक्स अस्पताल से सामने बने होटल को सिर्फ 6 कमरे बनाने की मंजूरी थी, जबकि वहां 25 कमरे बनाकर लोगों को ठहराया जा रहा था। होटल में अग्निशमन विभाग की मंजूरी नहीं थी। बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे जब आग लगी, तो लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और 21 लोगों ने दम तोड़ दिया। इनमें 10 भारतीय, 9 अफ्रीकी और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक हैं। करीब 58 लोगों को बाहर निकाला गया था।