'लक्ष्मी योजना' की सख्त शर्तों में उलझी दिल्ली की महिलाएं, जानिए क्या हैं नियम
क्या है खबर?
दिल्ली में 'लक्ष्मी योजना' के लिए ऑनलाइन आवेदन 1 अगस्त से शुरू हो गए हैं। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, योजना की शर्तें इतनी सख्त हैं कि ज्यादातर महिलाओं के लिए 2,500 रुपये की राह आसान नहीं होने वाली है। सबसे बड़ी शर्त है कि आपको अपने इलाके के सांसद या विधायक का सिफारिशी पत्र भी लाना होगा। आइए अन्य शर्तें समझते हैं।
सांसद
विधायक या सांसद से लाना होगा सिफारिशी पत्र
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, योजना का लाभ लेने के लिए आपको अपने इलाके के विधायक या सांसद से एक सिफारिश पत्र भी लिखवाना होगा। ये जरूरी है। इसके बिना आपको पैसे नहीं मिलेंगे।
दिल्ली में कुल 70 विधायक हैं। इनमें 48 भाजपा और बाकी आम आदमी पार्टी के हैं। वहीं, 7 सांसद हैं, जो सभी भाजपा के हैं। ये सभी लक्ष्मी योजना के लिए सिफारिशी पत्र जारी कर सकते हैं।
राशि
1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट, 1,500 की होगी RD
महिलाओं को सारी राशि सीधे बैंक खाते में नहीं मिलेगी। राशि का भुगतान 2 अलग-अलग हिस्सों में किया जाएगा। 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट करेंसी के रूप में दिए जाएंगे। बाकी 1,500 रुपये रिकरिंग फिक्स्ड डिपॉजिट के जरिए जमा किए जाएंगे।
वॉलेट वाली राशि को आप शराब, तंबाकू और ऑनलाइन जुए जैसी चीजों पर खर्च नहीं कर सकेंगे। इसका मकसद महिलाओं को पैसा अपनी जरूरतों और बचत के लिए इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है।
आय
आय 2.50 लाख से कम, 10 साल से दिल्ली का निवासी होना जरूरी
योजना के लिए बाकी शर्तें भी काफी सख्त हैं। ऐसे परिवार की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की सबसे बड़ी महिला को ही पैसे मिलेंगे, जिसकी कुल वार्षिक पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है।
साथ ही लाभार्थी या उसके पति अथवा माता-पिता कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली के निवासी होने चाहिए।
3 से ज्यादा बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकती हैं।
अन्य शर्तें
ये शर्तें भी करनी होगी पूरी
अगर कोई टैक्स देता है या GST भरता है, तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
अगर आपके परिवार में कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) या अन्य सरकारी संगठनों में नौकरी करता है, तो भी आप पात्र नहीं होंगे।
अगर आप पहले से ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो भी आपको इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
4 पहिया वाहन मालिक भी योजना के पात्र नहीं होंगे।
लाभ
17 लाख महिलाओं को लाभ होने का अनुमान
दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया है। अनुमान है कि राजधानी की करीब 17 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
हालांकि, पात्रता को लेकर सख्त शर्तों की वजह से ये संख्या कम हो सकती है।
माना जा रहा है कि पहली किस्त रक्षाबंधन तक महिलाओं के खातों में आ जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।