धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल, CJP बोली- अभी 3 मांगे बाकी
क्या है खबर?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर खुशी का माहौल छा गया। पिछले एक महीने से धरना दे रहे छात्रों की भीड़ खुशी से झूमने लगी और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाने लगे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंच से इसकी घोषणा की। दिपके ने कहा कि अभी एक मांग पूरी हुई है, 3 मांगों को पूरा होना बाकी है। CJP ने पोस्ट किया, 'कॉकरोच और लोकतंत्र जीता।'
खुशी
CJP ने मांग याद दिलाई
CJP ने एक्स पर अपनी मांग याद दिलाते हुए लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, जो पूरी हो चुकी है।
पार्टी ने आगे लिखा कि अभी आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और विरोध-प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की मांग लंबित है।
पार्टी ने लिखा कि लाठीचार्ज करने वाले RAF और दिल्ली पुलिस की ओर से सार्वजनिक माफी का देश इंतजार कर रहा है।
ट्विटर पोस्ट
खुशी का माहौल
DEMOCRACY WINS! 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 pic.twitter.com/HpCaqBkPxc
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
बयान
डरना नहीं है- दिपके
दिपके ने मंच से कहा, "यह लोकतंत्र है। हमारी और मांगें हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। 20 तारीख को जिन पुलिस वालों ने गुंडों जैसा बर्ताव किया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। याद रखिए, कॉकरोच से पंगा मत लीजिए।"
दिपके ने कहा, "ये खुद को बादशाह समझ बैठे हैं, ये हमारी वजह से है। डरना नहीं है।"
ट्विटर पोस्ट
जंतर-मंतर पर जश्न
This is democracy. He has resigned. We have two more demands. We won't go like this.
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
Dharmendra Pradhan has resigned. But the families of the children who committed suicide should receive compensation of one crore rupees. They should get it.
One crore rupees compensation to all… pic.twitter.com/CyhfGDUola
बयान
झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए- दिपके
दिपके ने कहा, "क्या कहते थे ये कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, हम कहना चाहते हैं कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।"
दिपके ने आगे कहा, "अगर आप डरेंगे नहीं, इस सरकार के सामने झुकेंगे नहीं, तो आप किसी का भी इस्तीफ़ा ले सकते हैं। लोकतंत्र में डरने की जरूरत नहीं है।"
उन्होंने कहा कि यह यह भारत के संविधान की जीत है। यह भारत के लोगों की जीत है।