दिल्ली में ऊंची इमारतों के लिए आए जान बचाने वाले 18 नए अग्नि नियम
दिल्ली सरकार ने हाल ही में ऊंची इमारतों के लिए 18-सूत्रीय अग्नि सुरक्षा योजना लागू की है। यह फैसला कुछ दर्दनाक आग की घटनाओं के बाद आया है, जिनमें करीब 41 लोगों की जान चली गई थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 के हिस्से के तौर पर लाए गए ये नए नियम, आग-रोधी लिफ्ट, सुरक्षित निकास द्वार, स्प्रिंकलर, आपातकालीन बिजली बैकअप, सुरक्षित बाहर निकलने के रास्ते और सीढ़ियों जैसी चीजों को अनिवार्य कर रहे हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ाना है। हालांकि, ये नियम तभी लागू होंगे जब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संशोधित UBBL-2016 को अधिसूचित कर दिया जाएगा।
MCD और DDA संभालेंगी इमारतों का ढांचागत ऑडिट
इस पूरी योजना में धुआं रोकने वाले बैरियर (अवरोध), स्वचालित अलार्म सिस्टम, आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी का भंडारण और यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि दमकल गाड़ियां इमारत तक आसानी से पहुंच सकें। इमारतों के ढांचागत ऑडिट की जिम्मेदारी MCD और DDA को दी गई है। वहीं, गैर-ढांचागत जांच दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के दायरे में आएगी। यदि मौजूदा बिल्डिंग बायलॉज (निर्माण नियमों) में पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं, तो DFS निदेशक अपनी तरफ से भी आग से बचाव और सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय बता सकते हैं। ऐसे अतिरिक्त नियम, अग्नि सुरक्षा विंग द्वारा सुझाए गए अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित हो सकते हैं।