दिल्ली में प्रदूषण से जंग: IIT कानपुर ने कृत्रिम बारिश के लिए 30,000 मीटर ऊपर की क्लाउड सीडिंग
दिवाली के बाद फैले घने प्रदूषण को हटाने की उम्मीद में दिल्ली सरकार ने हवाई अड्डे के पास क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया है, ताकि बारिश हो सके। आने वाले दिनों में और भी ट्रायल हो सकते हैं, खासकर छठ के आसपास। हालांकि, इस बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी त्योहार खत्म होने के बाद ही मिल पाएगी।
दिल्ली के सीडिंग प्रयोगों में IIT कानपुर भी शामिल
क्लाउड सीडिंग में बादलों पर सिल्वर आयोडाइड जैसे केमिकल का छिड़काव किया जाता है। इससे बारिश होती है, जो हवा में घुले प्रदूषकों को धोने में मदद करती है। इस बार यह काम पिछले साल से काफी ज्यादा ऊंचाई पर किया गया। पहले जहां करीब 10,000 मीटर की ऊंचाई पर सीडिंग हुई थी, वहीं इस बार 30,000 मीटर ऊपर तक पहुंचकर छिड़काव किया गया। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के आसपास पहुंचने के बाद अधिकारी IIT कानपुर के साथ मिलकर इन आपातकालीन प्रयोगों में जुटे हैं, लेकिन यह बात ध्यान रखने वाली है कि यह सिर्फ एक तात्कालिक उपाय है। यह पूरी तरह मौसम की स्थितियों पर निर्भर करता है और इससे दिल्ली का प्रदूषण हमेशा के लिए खत्म नहीं होगा।