दिल्ली में PG मालिकों की मनमानी खत्म, जानलेवा हादसे के बाद आया नया कानून
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक जानलेवा PG इमारत गिरने से 7 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद दिल्ली सरकार PG को और सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाने के लिए कड़े नियमों पर जोर दे रही है। नया 'पेइंग गेस्ट आवास विनियमन और कल्याण विधेयक' खास तौर पर सुरक्षा बढ़ाने, किराए को सीमित करने और सरकारी निगरानी रखने पर ध्यान दे रहा है। खासकर मुखर्जी नगर और लक्ष्मी नगर जैसे छात्र बहुल इलाकों में इसकी जरूरत महसूस की जा रही है।
रजिस्ट्रेशन, CCTV, किराया, जमा राशि की सीमा
PG मालिकों को 90 दिनों के अंदर अपनी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही, उन्हें संबंधित विभागों से मंजूरी लेनी होगी और सभी सही जानकारी ऑनलाइन डालनी होगी। सुरक्षा के इंतजामों में कॉमन एरिया में CCTV कैमरे लगाना शामिल है (जिनकी रिकॉर्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी)। बड़े PG के लिए रात में गार्ड रखना और आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा। किराए में बढ़ोतरी पर एक नई समिति लगाम लगाएगी। सिक्योरिटी डिपॉजिट 3 महीने के किराए से ज्यादा नहीं होगा। इसके अलावा, लिंग, जाति, धर्म या राज्य के आधार पर किराए में भेदभाव करना मना होगा। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, हर 3 महीने में जांच होगी और 15 कार्य दिवसों के भीतर विवादों का निपटारा किया जाएगा।