दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने उठाए कदम, 60 निगरानी केंद्रों के साथ उतारी 150 ई-बस
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए अब 60 केंद्र हो गए हैं। इसका मकसद पूरे शहर में प्रदूषण के स्तर को बेहतर तरीके से समझना है। शहर की हवा को साफ रखने की कोशिशों के तहत 150 नई इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतर गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक समीक्षा बैठक में इस बात का ऐलान किया।
दिल्ली की शीतकालीन योजना प्रदूषण पर कसेगी लगाम
हर साल, पराली जलाने और त्योहारों पर होने वाली आतिशबाजी की वजह से दिल्ली की हवा सर्दियों में खराब हो जाती है। इस बार सरकार की शीतकालीन कार्य योजना में कई उपाय शामिल हैं, जैसे निर्माण कार्यों पर रोक, घर से काम करने के ज्यादा विकल्प, औद्योगिक उत्सर्जन पर कड़ी निगरानी और सड़कों की मशीनी सफाई। शहर का लक्ष्य 2028-29 तक अपनी बसों की संख्या को लगभग दोगुना करने का भी है। इन सभी कदमों का मकसद PM2.5 जैसे हानिकारक प्रदूषकों को कम करना है।