दिल्ली में प्रदूषण पर सरकार की सख्ती, 1 नवंबर से और कड़े होंगे नियम
दिल्ली ने 2026 की सर्दियों के लिए प्रदूषण को काबू में करने के लिए पहले से ही उपाय लागू कर दिए हैं, ताकि गंभीर स्मॉग की स्थिति बनने से पहले ही हानिकारक उत्सर्जन को कम किया जा सके।
इस साल, जैसे ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी (कुछ ही दिनों में AQI 166 से बढ़कर 187 हो गया), शहर ने तुरंत 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू कर दिया है।
इस नियम के तहत, जिन गाड़ियों के पास सही पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप पर तेल नहीं मिल पाएगा।
सरकार का मकसद है कि धुंध का मौसम आने से पहले ही प्रदूषण फैलाने वाली गैसों को कम किया जा सके।
दिल्ली में 1 नवंबर से और कड़े होंगे नियम
1 नवंबर से दिल्ली का प्रदूषण रोकने का प्लान और भी सख्त हो जाएगा। इसके तहत, दूसरे राज्यों से आने वाले नॉन-BS-VI गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे और पार्किंग का शुल्क भी बढ़ा दिया जाएगा। धूल फैलाने वाले कामों पर 31 जनवरी तक रोक रहेगी और सभी कंस्ट्रक्शन का काम 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच बंद रहेगा।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है और दर्जनों नए एयर-क्वालिटी मॉनिटर लगा रही है, क्योंकि साफ हवा के लिए मिलकर प्रयास करना बहुत जरूरी है।