दिल्ली: जातिवाद के आरोपों से घिरी पत्रकार, हाईकोर्ट का मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पत्रकार की सुरक्षा याचिका पर जल्द सुनवाई करने से मना कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया, जब ACP विवेक भगत ने पत्रकार पर 3 अक्टूबर, 2026 को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। हालांकि, पत्रकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी मुवक्किल जबरन कार्रवाई से सुरक्षा मांग रही थीं, लेकिन अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 16 अक्टूबर तय की है, जबकि वकील जल्द सुनवाई की मांग कर रहे थे।
विवेक भगत और पत्रकार के आरोप-प्रत्यारोप
मामला अब और भी उलझ गया है। भगत का आरोप है कि पत्रकार ने न सिर्फ उनकी जाति का अपमान किया, बल्कि उन्हें अपना काम करने से रोकने की भी कोशिश की।
इसके अलावा, उनका यह भी दावा है कि पत्रकार ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सदस्यों के साथ मिलकर ऑनलाइन मानहानि की है।
वहीं, पत्रकार ने पलटवार करते हुए भगत पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसकी पुलिस अब जांच कर रही है। यह मामला जातिगत भेदभाव और पुलिस विभाग के भीतर कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न जैसे कई गंभीर मुद्दों को सामने ला रहा है।