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दिल्ली दंगा मामला: नफरती भाषणों के लिए नेताओं के खिलाफ नहीं होगी FIR, याचिकाएं खारिज 
दिल्ली दंगा मामले में नफरती भाषणों के लिए नेताओं के खिलाफ नहीं होगी FIR

दिल्ली दंगा मामला: नफरती भाषणों के लिए नेताओं के खिलाफ नहीं होगी FIR, याचिकाएं खारिज 

लेखन गजेंद्र
Oct 05, 2026
12:06 pm

क्या है खबर?

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में 2020 में हुए दंगों के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए नेताओं को राहत दी है। कोर्ट ने उन याचिकाओं के समूह को खारिज कर दिया, जिसमें नेताओं के खिलाफ नफरती भाषण देने के लिए FIR दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और मनोज जैन की खंडपीठ ने कुल 15 याचिकाओं को खारिज किया है।

याचिका

किन नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग थी?

शेख मुजतबा फारूक की याचिका में अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जैसे भाजपा नेताओं के खिलाफ FIR की मांग थी।

लॉयर्स वॉइस की याचिका में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनीष सिसोदिया, असदुद्दीन ओवैसी और हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई थी।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की नेता वृंदा करात और जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिकाओं में दिल्ली पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की गई थी।

याचिका

याचिकाओं में क्या कहा गया था?

शेख मुजतबा की याचिका में दावा किया गया था कि भाजपा नेताओं के भाषणों ने दंगों के दौरान हिंसा को भड़काने में योगदान दिया।

दंगों के भड़कने से पहले एक रैली में, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भीड़ को "देशद्रोहियों को गोली मारो" का नारा लगाने के लिए प्रेरित किया था।

याचिकाकर्ताओं का दावा था कि इन भाषणों ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को भड़काने में मदद की, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे।

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घटना

क्या है 2020 का दिल्ली दंगा?

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे।

तभी 24 फरवरी, 2020 को सांप्रदायिक झड़पें शुरू हो गई, जिनमें कम से कम 53 लोग मारे गए और लगभग 700 लोग घायल हो गए।

हिंसा के दौरान दुकानों और वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिससे कारोबारियों और स्थानीय लोगों का बड़ा नुकसान हुआ।

इसी को लेकर अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं।

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