दिल्ली का बड़ा कदम: कूड़े के पहाड़ अब बनेंगे 'सोना', 3 मेगा प्लांटों की रखी नींव
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओखला, गाजीपुर और सिंघोला में कचरा प्रोसेसिंग प्लांटों का शिलान्यास किया। पिछले डेढ़ साल में पुराने कूड़े के ढेरों से 100 एकड़ जमीन वापस हासिल की गई है।
इन नए प्लांटों का मकसद रोज़ाना के कचरे और कंस्ट्रक्शन के मलबे, दोनों से निपटना है, ताकि शहर में कूड़े के विशाल पहाड़ और न बन सकें।
प्लांट करेंगे 3,000-4,000 टन कचरे का निपटारा
इन जगहों पर हर दिन करीब 3,000-4,000 मीट्रिक टन कचरा जमा होता है। नए कचरा प्रोसेसिंग प्लांट यह सुनिश्चित करेंगे कि इस कचरे को रोज़ाना प्रोसेस किया जाए। इससे कचरा बायोगैस, ग्रीन एनर्जी और खाद में बदल जाएगा, और कूड़े के ढेर लगने बंद हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि सरकार कचरे को सिर्फ कूड़ा नहीं, बल्कि एक उपयोगी संसाधन मानकर आधुनिक तकनीक से इसका निपटारा करना चाहती है। ये प्लांट इसी बड़ी पहल का हिस्सा हैं। उन्होंने यमुना नदी की सफाई और धूल प्रदूषण से निपटने के दूसरे कामों का भी जिक्र किया। इन सभी कोशिशों का मकसद है कि दिल्ली भविष्य में और ज़्यादा हरी-भरी बन सके।