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दिल्ली विस्फोट जांच: अल फलाह विश्वविद्यालय के कमरे से मिली 18 लाख रुपये की नकदी
दिल्ली विस्फोटो की आरोपी शाहीन सईद के अल फलाह विश्वविद्यालय स्थित कमरे से मिली 18 लाख रुपये की नकदी

दिल्ली विस्फोट जांच: अल फलाह विश्वविद्यालय के कमरे से मिली 18 लाख रुपये की नकदी

Nov 29, 2025
04:24 pm

क्या है खबर?

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास i20 कार में हुए विस्फोट की जांच में जुटी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने अल फलाह विश्वविद्यालय में शाहीन सईद के कमरा नंबर 22 से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। सईद दिल्ली विस्फोट के आरोपियों में से एक है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे। NIA की टीम सईद को विश्वविद्यालय में कई जगहों पर ले गई थी। इस दौरान उसके कमरे की जांच में यह नकदी मिली है।

बरामदगी

प्लास्टिक बैग में रखे थे 18 लाख रुपये

NDTV के अनुसार, NIA सूत्रों ने बताया कि नकदी एक प्लास्टिक बैग में लिपटी हुई और अलमारी में रखी थी। वह अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सईद को इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से मिली थी। इसके बाद सईद को अन्य आरोपी मुजम्मिल शकील और अदील अहमद राठेर के साथ कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें फिर से पूछताछ के लिए भेज दिया गया। NIA टीम अब आरोपियों से और पूछताछ करेगी।

कार

आरोपियों ने नकद में खरीदी थी कार

दिल्ली विस्फोट मामले में सह आरोपी सईद और मुजम्मिल शकील ने एक नई मारुति सुजुकी ब्रेजा कार खरीदी थी, जो उन 32 कारों में शामिल थी, जिन्हें विस्फोटक सामग्री ले जाने और बम पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा था। एक तस्वीर में सईद और शकील 25 सितंबर को एक शोरूम में अपनी नई सिल्वर रंग की कार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं । सूत्रों ने बताया कि दोनों ने कार के लिए नकद भुगतान किया था।

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जानकारी

अब तक 7 लोग गिरफ्तार

दिल्ली विस्फोट मामले में NIA ने अब तक सोयब समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो 'सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल' का खुलासा करता है। अमीर राशिद अली पर आत्मघाती बम विस्फोट में प्रयुक्त कार की खरीद में सहायता और प्रमुख सह-षड्यंत्रकर्ता का आरोप है।

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घटना

विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई

लाल किले के पास 10 नवंबर को सफेद हुंडई i20 कार में अचानक विस्फोट हो गया था, जिसकी चपेट में आकर 15 की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर ने किया था, जो खुद भी मारा गया। वह अल-फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाता था। घटना की जांच NIA कर रही है। इसमें अल-फलाह जांच के घेरे में है क्योंकि अधिकतर आरोपी वहीं कार्यरत थे।

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