दिल्ली एयरपोर्ट पर 'आतंकी खतरा' की मॉक ड्रिल, CISF का अब जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान
दिल्ली एयरपोर्ट पर हाल ही में एक आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की गई। इस अभ्यास में CISF, दिल्ली पुलिस, NSG और बम निरोधक दस्ते ने मिलकर काम किया।
इस अभ्यास का मुख्य मकसद यह जानना था कि अगर कोई असल खतरा आता है, तो सभी एजेंसियां कितनी तैयार हैं और वे एक-दूसरे के साथ मिलकर कितनी आसानी से काम कर सकती हैं।
CISF ने कर्मचारियों के स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए समझौता किया
इसके अलावा, CISF ने अपने कर्मचारियों को स्ट्रेस से निपटने में मदद करने के लिए IHBAS के साथ एक नया 3 साल का समझौता किया है। खासकर यह उन कर्मचारियों के लिए है जो संसद भवन कॉम्प्लेक्स जैसी तनावपूर्ण जगहों पर काम करते हैं।
इस योजना में कई चीजें शामिल हैं। इसमें खास साइकोमेट्रिक आकलन किए जाएंगे। इसके साथ ही, मेडिकल अधिकारी, सुपरवाइजरी अधिकारी और सब-अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग का मकसद यह होगा कि वे कर्मचारियों में शुरुआती व्यवहारिक बदलावों, अचानक होने वाले स्ट्रेस के लक्षणों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थितियों को पहचान सकें। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि समय पर उन्हें विशेषज्ञ मदद मिल सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रोफेशनल सपोर्ट पहुंचाया जा सके।