दिल्ली में इन कारणों से गिरी थी पीजी की ईमारत, अब सख्त होंगे नियम
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को एक इमारत गिर गई थी। इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें 5 छात्र थे।
कई महीनों से आग से बचाव (फायर सेफ्टी) से जुड़ी चेतावनियों को लगातार अनदेखा किया जा रहा था, जिसका यह नतीजा हुआ।
पुलिस ने जून में ही इस इलाके के पीजी और कैफे में फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) न होने पर चिंता जताई थी। हालांकि, पुलिस की इन चेतावनियों के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। आसपास के ज्यादातर छात्र हॉस्टल और रहने की जगहें, बिना इन जरूरी सुरक्षा जांचों के ही चल रही थीं।
4 अवैध मंजिलें, दिल्ली में हुईं गिरफ्तारियां
जांच में पता चला कि इस पुरानी इमारत में 4 अवैध मंजिलें बना दी गई थीं। जिस दिन इमारत गिरी, उसी दिन एक दुकान के लिए जगह बनाने के लिए उसकी एक दीवार भी हटा दी गई थी। इन्हीं कारणों से इमारत अपनी क्षमता से ज्यादा बोझ झेल नहीं पाई और ढह गई।
करीब 28 घंटे तक चले मुश्किल बचाव अभियान के बाद 12 लोगों को बचाया जा सका। इस मामले में इमारत के मालिक और ठेकेदार सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अब दिल्ली सरकार ने सभी इमारतों का निरीक्षण करने का फैसला किया है। साथ ही, आने वाले 2 महीनों के भीतर पीजी आवासों के लिए नए नियम बनाने की भी योजना है, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।