RSS के महासचिव बोले- मतदाता सूची पर राजनीतिक संग्राम नहीं, हिंसक बदलाव से बचे देश
RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने चुनावी सूचियों के चल रहे विशेष गहन संशोधन पर बात की। उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ मतदाता सूचियों को साफ-सुथरा बनाने और उनमें सुधार करने की एक सामान्य प्रक्रिया है। इसका मकसद मृत मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लिकेट एंट्री को खत्म करना है।
उन्होंने सभी से अपील की कि इस प्रक्रिया को राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा न बनाया जाए। अगर कोई समस्या या शिकायत है, तो सीधे चुनाव आयोग से संपर्क करना चाहिए, न कि बेवजह कहीं और शोर मचाना चाहिए।
होसबाले ने हिंसक सत्ता परिवर्तन के खिलाफ चेताया
होसबाले ने हिंसक तरीकों से सत्ता बदलने या समाज में फूट डालकर बदलाव लाने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी।
उन्होंने यह बात तब कही जब राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सही और सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया। आरएसएस नशे की लत के खिलाफ भी अभियान चला रहा है।
इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि संगठन का विस्तार पूरे भारत में तेजी से हो रहा है। संगठन की रोज लगने वाली शाखाओं की संख्या बढ़ी है और इसका प्रभाव पश्चिम बंगाल और लद्दाख जैसे दूरदराज के इलाकों में भी फैल रहा है।