3 साल में 37,000 से ज्यादा मौतें, AI ने खोली भारत के खतरनाक हाईवे की पोल
साल 2023 से 2025 के बीच, हिंदुस्तान के उन नेशनल हाईवे के हिस्सों पर 37,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है, जिन्हें "ब्लैक कॉरिडोर" कहा जाता है। ये ऐसे रास्ते हैं जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एक्सीडेंट रिपोर्ट्स की मदद से इन खतरनाक खंडों की पहचान की गई है, जिनकी कुल लंबाई 6,400 किलोमीटर से भी अधिक है। सरकार ने संसद में ये आंकड़े तब साझा किए, जब सांसद सागरिका घोष ने हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।
तमिलनाडु सूची में सबसे ऊपर
ब्लैक कॉरिडोर की संख्या के मामले में तमिलनाडु सबसे ऊपर है, जहां ऐसे 958 रास्ते हैं। अकेले विल्लुपुरम जिले में ही इनकी संख्या 70 है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और कर्नाटक का नंबर आता है।
इन सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने तत्काल कुछ कदम उठाए हैं, जिनमें सड़क पर निशान लगाना और क्रैश बैरियर लगाना शामिल है। वहीं, अंडरपास बनाने और सड़कों को फिर से डिजाइन करने जैसे बड़े बदलावों की भी योजना है। लेकिन, जमीन अधिग्रहण संबंधी दिक्कतों के चलते इन कामों में अधिक समय लग सकता है। भविष्य में होने वाले ऐसे हादसों को रोकने के लिए अब सभी नेशनल हाईवे पर सड़क सुरक्षा ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया गया है।