
आंध्र प्रदेश: मास्क न पहनने पर पकड़े गए दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत
क्या है खबर?
आंध्र प्रदेश में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की मौत का मामला सामने आया है।
यहां के प्रकाशम जिले के चिराला शहर में पुलिस ने मास्क और हेलमेट न पहनने के आरोप में दलित युवक वाई किरण कुमार को पकड़ा था।
पुलिस हिरासत के दौरान कुमार के सिर में चोट लगी। इलाज के उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद पुलिस हिरासत में मौत का मामला दर्ज किया गया है।
आरोप
परिजनों ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप
युवक की मौत के बाद परिजनों का कहना है कि मास्क न पहनने के कारण पुलिस ने कुमार की पिटाई की थी।
हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि युवक थाने ले जाते समय जीप से कूद गया था, जिस कारण उसे सिर में चोट आई।
घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।
बयान
कुमार ने कॉन्स्टेबल के साथ की थी मारपीट- पुलिस
न्यूज18 के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 18 जुलाई को कुमार और उनका दोस्त शिनी अब्राहम बिना मास्क लगाए मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। कोथापेटा चेक पोस्ट के पास जब कॉन्स्टेबल ने उन्हें इसके लिए फटकार लगाई तो दोनों युवक मारपीट और उतर आए और कॉन्स्टेबल की पिटाई कर दी।
पुलिस ने आगे बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर सब इंस्पेक्टर विजय कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवकों को हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई
युवकों और सब इंस्पेक्टर के खिलाफ दर्ज हुए मामले
कॉन्स्टेबल की शिकायत के बाद दोनों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किए गए हैं। कुमार के खून के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है, वहीं अब्राहम का ब्रीद एनालाइजर टेस्ट किया गया।
कुमार के पिता की शिकायत पर सब इंस्पेक्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
वहीं प्रकाशम जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ कौशल ने कहा कि पुलिस ने युवकों के साथ मारपीट नहीं की थी।
बयान
जीप के कूदने के कारण सिर में लगी चोट से हुई मौत- SP
SP कौशल ने कहा, "दोनों युवक नशे में धुत्त थे और बाइक चला रहे थे। चेक पोस्ट पर पुलिस ने उन्हें रोककर जीप में बैठने को कहा था। अब्राहम इस मामले का गवाह है।"
उन्होंने कहा कि कुमार चलती जीप से कूद गए थे इसलिए उनके सिर में चोट आई। मेडिकल रिपोर्ट में भी पता चलता है कि सिर पर चोट आने के कारण उनकी मौत हुई है। उनके शरीर पर दूसरी जगह किसी चोट के निशान नहीं हैं।
घटना
घटना ने दिलाई जयराज-बेनिक्स मामले की याद
कौशल ने जांच के लिए इस मामले को डारसी DSP को को सौंप दिया है।
इसी बीच गुंटुर रेंज के IG जे प्रभाकर राव ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) गंगाधर को विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया है। गंगाधर मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के आदेशों पर पूरे मामले की जांच करेंगे।
इस मामले ने पिछले महीने तमिलनाडु में पुलिस हिरासत में हुई बाप-बेटे जयराज और बेनिक्स की मौत की घटना की याद दिला दी है।
तमिलनाडु
क्या है जयराज और बेनिक्स की मौत का मामला?
पिछले महीने तमिलनाडु में पुलिस हिरासत में हुई जयराज और बेनिक्स की मौत का मामला चर्चा में रहा था।
लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने जयराज को उठाया था। जब जयराज अपने पिता को छुड़ाने थाने गए तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।
आरोप है कि पुलिस ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की। घटना के दो दिन बाद दोनों ने दम तोड़ दिया। मामले की जांच जारी है और कई पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं।