जातिगत अपमान ने ली दलित किशोरी की जान, तमिलनाडु में प्रिंसिपल पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
तमिलनाडु के उसिलमपट्टी में एक 16 साल की दलित किशोरी ने 25 अगस्त को आत्महत्या कर ली। आरोप है कि स्कूल में दाखिले के दौरान उसे जाति के नाम पर अपमान सहना पड़ा था। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल ने लड़की को तब डांटा, जब उसने अपनी मां से हाथ जोड़कर खड़े न होने को कहा और उनके हाथ नीचे किए। इसके बाद प्रिंसिपल ने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया और उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया। लड़की की मां के मुताबिक, इस घटना से वह बहुत दुखी हो गई थी। इस मामले को लेकर अब लड़की के रिश्तेदारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने उकसाने के आरोप जोड़े, CCTV बरामद किया
पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप जोड़ा है। साथ ही, स्कूल के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि इस मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, जिसे SC/ST एक्ट भी कहते हैं, लागू होता है या नहीं। इस बीच, लड़की का परिवार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।