सूखे से जूझते कर्नाटक को झटका, CWMA ने पानी रोकने की अर्जी ठुकराई
कर्नाटक ने तमिलनाडु को हर दिन 3,500 क्यूसेक कावेरी पानी देने पर रोक लगाने की गुजारिश की थी, लेकिन कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने इसे खारिज कर दिया। कर्नाटक सरकार का कहना था कि सूखे और जलाशयों में पानी की कमी की वजह से यह मुश्किल हो गया है। उसने बताया कि जलाशयों में आने वाले पानी में सामान्य औसत के मुकाबले करीब 66 प्रतिशत की कमी आई है। इसके बावजूद, 29 जुलाई से अगले 15 दिनों के लिए पानी छोड़ने का पुराना आदेश ही लागू रहेगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई
इस फैसले पर कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित बिलिगंडलू में बारीकी से नजर रखी जा रही है। वहीं, कर्नाटक के किसान पानी की मौजूदा कमी को लेकर चिंतित हैं। इसी चिंता में वे हाईवे रोक रहे हैं और मैसूरु में प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मानसून में बारिश एक-तिहाई से भी कम हुई है, जिसके चलते मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 2 अगस्त को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, ताकि आगे की रणनीति बनाई जा सके।