दिल्ली: 76 प्रतिशत शहर 6 साल से झुलस रहा, हरियाली 11 प्रतिशत घटी- रिपोर्ट
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की एक नई रिपोर्ट बताती है कि 2015 से 2024 के दौरान दिल्ली का 76 प्रतिशत हिस्सा कम से कम 6 साल तक गंभीर हीट स्ट्रेस झेल चुका है। इस दौरान, लगभग पूरे शहर यानी करीब 99 प्रतिशत इलाकों ने कम से कम एक बार खतरनाक स्तर की गर्मी महसूस की है। इसका सबसे ज्यादा असर कंस्ट्रक्शन साइट्स, बाज़ारों, झुग्गी-झोपड़ियों और स्कूलों में देखा गया है, यानी बड़ी संख्या में लोग इस भीषण गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
गर्मी बढ़ने पर CSE ने कार्रवाई की मांग की
CSE की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में जमीन का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। रातें भी अब राहत नहीं दे रहीं, क्योंकि दिल्ली में रात के समय मिलने वाली ठंडक में 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक और चिंताजनक बात यह है कि 2014 में दिल्ली का 25 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा हरा-भरा था, जो 2024 तक घटकर करीब 14 प्रतिशत रह गया है। साथ ही, शहर के कई जल स्रोत भी लगभग सूख चुके हैं। बढ़ते तापमान से निपटने के लिए CSE ने तुरंत कार्रवाई की मांग की है। इनमें ज्यादा कूलिंग सेंटर बनाना, इमारतों के डिजाइन में सुधार करना और फिर से ज्यादा पेड़-पौधे लगाना शामिल है। इससे लोगों को इस भीषण गर्मी का सामना करने में आसानी होगी।