बिजली की कमी में भी बर्बाद हुई 4.2 प्रतिशत सौर ऊर्जा, ग्रिड की कमजोरी बनी चुनौती
ऊर्जा और स्वच्छ वायु पर अनुसंधान केंद्र (CREA) की एक नई रिपोर्ट बताती है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में भारत में 4.2 प्रतिशत सौर ऊर्जा बर्बाद हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि देश का बिजली ग्रिड इस ऊर्जा को संभाल नहीं पाया। यह सब ऐसे समय में हुआ जब देश पहले ही बिजली की कमी से जूझ रहा था और कोयले की सप्लाई भी कम चल रही थी। ऐसे में यह नुकसान और ज्यादा परेशान करने वाला लगता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बेहतर ट्रांसमिशन सिस्टम की तुरंत जरूरत है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा बर्बाद न हो।
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ी, फिर भी कोयले का दबदबा रहा
नवीकरणीय ऊर्जा में भले ही बड़ी बढ़ोतरी हुई है (पिछले साल के मुकाबले सौर ऊर्जा का उत्पादन 39 प्रतिशत बढ़ा है), फिर भी भारत की लगभग दो-तिहाई बिजली अभी भी कोयले से ही बनती है। जुलाई के महीने में बिजली की मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, जबकि कोयले का स्टॉक लगातार और कम होता गया। यह साफ दिखाता है कि ग्रीन एनर्जी पर जोर देने के बावजूद भारत अभी भी जीवाश्म ईंधन पर कितना ज्यादा निर्भर है।