
उन्नाव रेप केस: AIIMS में लगाई गई कोर्ट, पीड़िता का बयान दर्ज करेंगे विशेष जज
क्या है खबर?
उन्नाव रेप केस में आज दिल्ली के AIIMS में कोर्ट लगाई गई है और वहीं कोर्ट की सुनवाई चल रही है।
AIIMS में भर्ती रेप पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए ऐसा किया गया है और विशेष जज धर्मेश शर्मा उसका बयान दर्ज करने के लिए AIIMS पहुंच चुके हैं।
पिछले हफ्ते ही दिल्ली हाई कोर्ट ने शर्मा को AIIMS में कोर्ट लगाने का आदेश दिया था।
अन्य मौकों पर मामले की सुनवाई तीस हजारी कोर्ट में होती है।
मामला
भाजपा के विधायक रहे कुलदीप सेंगर हैं मुख्य आरोपी
उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं।
उन पर आरोप है कि 2017 में पीड़िता को काम दिलाने के बहाने अपने घर बुलाकर उन्होंने उसका रेप किया था।
तब वह भारतीय जनता पार्टी में थे।
पीड़ित परिवार ने एक साल तक न्याय के लिए संघर्ष किया, लेकिन हर तरफ से निराशा हाथ लगने के बाद पीड़िता और उनकी मां ने योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी।
जांच
CBI कर रही है मामले की जांच
इस घटना के बाद मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया और सरकार पर सेंगर के खिलाफ कार्रवाई का दवाब बना।
मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया, जिसने सेंगर को गिरफ्तार किया और अपनी जांच में उन पर लगे रेप के आरोपों को सही पाया।
इस बीच मामला धीरे-धीरे सुर्खियों से गायब होता चला गया और न्याय के लिए पीड़ित परिवार का संघर्ष पहले की तरह ही जारी रहा।
घटनाक्रम
काली नंबर प्लेट वाले ट्रक से हुई पीड़िता की गाड़ी की टक्कर
मामला दोबारा सुर्खियों में तब आया जब 28 जुलाई को रायबरेली में जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही पीड़िता की गाड़ी की एक काली नंबर प्लेट वाले ट्रक से टक्कर हुई।
इस टक्कर में पीड़िता के दो परिजन मारे गए और वह और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हुए।
पीड़ित परिवार ने सेंगर पर जेल से ही इस दुर्घटना की साजिश रचने का आरोप लगाया, जिसके बाद उस पर हत्या का मामला भी दर्ज किया गया।
सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रबुद्ध लोगों को लिखे 36 'आपातकालीन' पत्र
इसी दौरान सामने आया कि टक्कर से पहले पीड़ित परिवार ने शीर्ष अधिकारियों और नेताओं समेत कई प्रबुद्ध लोगों को 36 SOS पत्र लिखे थे, जिनमें सेंगर से उनकी रक्षा करने का अनुरोध किया गया था।
ऐसा ही एक पत्र सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को भेजा गया था, जिन्होंने मामले पर सुनवाई करते हुए CBI को अधिकतम 15 दिन के अंदर मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया था।
आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शिफ्ट किए उन्नाव से जुड़े सारे मामले
सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर के खिलाफ सभी मामलों को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ट्रांसफर कर दिया था और सेंगर को दिल्ली की रोहिणी जेल में शिफ्ट किया गया था।
कोर्ट के आदेश पर पीड़िता और उसके वकील को भी इलाज के लिए AIIMS लाया गया था।
दोनों की स्थिति कई दिन तक नाजुक बनी रही।
हालांकि अब इसमें सुधार की खबरें है और इसलिए विशेष जज पीड़िता का बयान लेने AIIMS पहुंचे हैं।