क्या मंडरा रहा बिजली संकट? 58 प्लांट्स में कोयले की कमी, सरकार ने दौड़ाईं ट्रेनें
भारत तेजी से 58 बिजली प्लांट्स तक कोयला ट्रेनों से पहुंचा रहा है, क्योंकि इन जगहों पर ईंधन का स्टॉक सुरक्षित स्तर से काफी कम हो गया है। एक हफ्ते पहले ऐसे प्लांट्स की संख्या 46 थी। इनमें से ज्यादातर वो बिजलीघर हैं जो देश में ही निकलने वाले कोयले से चलते हैं। सरकार का कहना है कि वह इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रही है और कोशिश कर रही है कि देश में बिजली की कमी न हो।
कोल इंडिया के पास 7.6 करोड़ टन कोयला स्टॉक
ओडिशा और झारखंड जैसे कोयला उत्पादक राज्यों में तेज बारिश की वजह से कोयले की खुदाई और उसे लाना-ले जाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण, भारत ने सिर्फ 3 दिनों में रोजाना कोयले की ट्रेनों की संख्या 370 से बढ़ाकर 444 कर दी है। दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी 'कोल इंडिया' ने बताया है कि उसके पास, खदानों के मुहाने पर, अभी भी 7.6 करोड़ टन कोयले का पूरा स्टॉक मौजूद है। यह बात इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि भारत की करीब तीन-चौथाई बिजली कोयले से ही पैदा होती है।